मैं और मेरी दुनिया

एक मुसाफिर के सफ़र जैसी है सबकी दुनिया

Wednesday, August 30, 2017

ताकि रुमानियत बची रहे

दूर से देखो चाँद कितना सुन्दर....
पास जाओ तो पर्वतों, क्रेटरों, चट्टानों से भरा
एकदम निर्जीव, एकदम निस्पंद
कि सारे अहसासों, कल्पनाओं का 'दी एन्ड' हो जाए
इसलिए कुछ दूरी जरुरी
ताकि भ्रम बना रहे
रुमानियत बनी रहे
😃😃
----स्वयंबरा

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