मैं और मेरी दुनिया

एक मुसाफिर के सफ़र जैसी है सबकी दुनिया

Wednesday, February 22, 2012

अवसान




ढला सूरज,
दिवस अवसान,
अल्प विराम !! 

हाईकू (कविता लिखने की जापानी पद्धति) शैली में

सोन चिरैया





सोन चिरैया,
बन-बन भटके,
कहाँ विराम !!