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Showing posts from July 27, 2008

कब तक जारी रहेगा महिला रंगकर्मी ka sangharsh

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हम लाख आधुनिक हो जाए पर हमारी सोच सदियों पुरानीही रहेगी। अब नाटकों की बातें ही करे तो ये अक्सर होता है की जब लड़के नाटक करने के लिए हमारे पास आते हैं तो हमें इस बात की फिक्र नही होती की उन्होने अपने माता पिटा से पूछा है या नही। पर जब बात किसी लड़की की होती है तो हमारी ही सलाह होती है की पहले अभिभावक से पूछ लो। या हम ही उनसे अनुमति मांगते है।जैसे की हम kooch बहुत बुरा कर रहे है.यहाँ तक की हम अपने शहर में समाज के डर से naatak नही करना chhahte.क्योंकि जो manch हमारे लिए poojaaghar है vo हमारे शहर के लिए बरबाद होने की ख़ास जगह है। मुझे याद है vo किताब.........मुझे chhand chhahiye ।छोटे शहर की oos नायिका का sangharsh अब भी जारी है । हम जो समाज को एक दिशा देने की कोशिश में लगे रहते हैं,लोगो को ये बताने में अबतक नाकाम हैं की रंगकर्म कितना पवित्र है। इसके माध्यम से हम समाज की कुरीतियों पर आघात कर उसे नस्त कर सकते हैं। पर देखिये तो हम रंगकर्मी ही इनके किस कदर शिकार हैं.yahi है हम महिला rangkarmiyon और हमारे छोटे से शहर के रंगकर्म की बदनसीबी.जो हो पर नाटकों से hamaara lagaav अब भी badastoor जारी…

भोजपुरी चित्रकला कोहबर

बिहार की लोकचित्रकलाओं में मधुबनी पेंटिंग और इसके कलाकारों की पहचान अंतर्राष्ट्रीय जगत में है, किंतु इसी सूबे के भोजपुरी क्षेत्र की लोकचित्रकला अपना वजूद कायम रखने के लिए संघर्षरत है. आम लोग इसे कोहबर तथा पीडिया के रूप में जानते हैं, जो त्योहारों या विवाह आदि अवसरों पर घर में बनाया जाता है. इस कला से भोजपुर प्रक्षेत्र का कोई घर अनभिज्ञ नहीं, बावजूद इसके, इसने चौखट लांघकर आगे बढ़ने का साहस अभी तक नही दिखाया है. जबकि सामाजिक जीवन से जुडाव को दर्शानेवाले इन चित्रों में लोक जीवन्तता के लगभग सभी रंग दीखते हैं।

'कोहबर' भोजपुर जनपद की महिलाओं द्वारा बनाया गया एक भित्तिचित्र है, जिसे विवाह के अवसर पर  वर -वधु के कमरे में बनाया जाता है. परंपरा ये है की इसे घर की बेटियां या बहुएँ ही बनाती है . 'कोहबर' रंगने के कुछ नियम हैं ..इसे परम्परानुसार ही बनाया जाता है .....यद्यपि हमारे देश में कई जगहों पर भित्तिचित बनाये जाते है पर कोहबर में प्रयुक्त ज्यामितीय आकृतियाँ व रंग इसे  अन्य भित्ति चित्रों से अलग करते है.  जनपद में ही गंगा के उत्तरी एवं दक्षिणी हिस्से में बनाए गए कोहबर की आकृतिय…