मैं और मेरी दुनिया

एक मुसाफिर के सफ़र जैसी है सबकी दुनिया

Monday, June 26, 2017

उफ़ , ये उबाऊ प्लेन यात्रा

बड़ा बोरिंग होता है प्लेन से यात्रा करना...एकदमे असामाजिक टाइप...

न चाय गरम, गरम चाय की मधुर आवाज़... न मूंगफली बेचनेवालों की पुकार...चढ़ने-उतरने की धक्कम-धक्का भी नहीं...और तो और दुनिया भर की पॉलिटिक्स पर छिड़ी 'जोरदार', 'हंगामेदार' बहस भी सुनाई नहीं देती है...😕

एकदम शांत माहौल....बनावटी.... बहुते 'सभ्य' लोग...बातें होती भी हैं तो ऐसे फुसफुसा के कि 'आएं' 'आएं' करते रहो...बइठे रहो चुपचाप, जइसे कोई 'पनिशमेंट' मिला हो...

मने कहना ये कि जब तक बहुते जरूरी न हो तब तक प्लेन से यात्रा नहींए करना है...बुझाया कि नहीं...😉😉😉😉😉😉😉😉
(आत्मालाप)

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