अकेलेपन का मान

अकेले रहना किसे पसंद
पर जब मज़बूरी ही हो
कि कोई साथ न हो
तो 'एकांत' खुद की तलाश है - कह देना
और अपने एकाकीपन को
उनकी 'सहानुभूति' में बदल जाने से रोक लेना जरुरी होता है
कि अकेलेपन का भी तो 'मान' होता है यारा
-----स्वयंबरा

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